
रायपुर/राजनांदगांव
“जब सरकारी योजना सही व्यक्ति तक पहुंचती है, तब वह केवल सुविधा नहीं देती, बल्कि पूरे परिवार की जिंदगी बदल देती है।” राजनांदगांव जिले के वनांचल ग्राम मोरकुटूम्ब की रहने वाली श्रीमती कामती बाई साहू की कहानी इसी बदलाव की प्रेरणादायक मिसाल है।
मितानीन प्रशिक्षक के रूप में गांव-गांव जाकर लोगों के स्वास्थ्य की चिंता करने वाली कामती बाई के परिवार पर हर महीने बढ़ते बिजली बिल का बोझ था। पति की छोटी किराना दुकान और सीमित आय के बीच घर का खर्च संभालना आसान नहीं था। लेकिन प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने उनके जीवन में ऐसा उजाला किया कि आज उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो चुका है और हर महीने करीब एक हजार रुपये की बचत हो रही है।
एक निर्णय जिसने बदल दी आर्थिक तस्वीर
कामती बाई बताती हैं कि जब उन्हें प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी मिली तो उन्होंने इसे सिर्फ एक सरकारी घोषणा नहीं माना, बल्कि अपने परिवार के बेहतर भविष्य का अवसर समझा। उन्होंने आवेदन किया और जल्द ही उनके घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित हो गया।
आज वही निर्णय उनके परिवार के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन चुका है।
सरकार की मदद से सपना हुआ साकार
सोलर प्लांट लगाना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन सरकार की सब्सिडी ने यह सपना पूरा कर दिया।

उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सहायता मिली। कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी ने आर्थिक चिंता दूर कर दी और बिना किसी बड़े वित्तीय बोझ के उनका घर सौर ऊर्जा से रोशन हो गया।
यह सहायता केवल एक अनुदान नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सरकार का मजबूत सहयोग साबित हुई।
अब बिजली भी अपनी, बचत भी अपनी
सोलर प्लांट लगने के बाद इस माह उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य आया। अब परिवार अपनी जरूरत की बिजली स्वयं तैयार कर रहा है। इतना ही नहीं, अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा रही है, जिससे भविष्य में अतिरिक्त आय का रास्ता भी खुल गया है।
जो पैसा पहले बिजली बिल में खर्च होता था, वही राशि अब परिवार की जरूरतों, बच्चों के भविष्य और बचत में काम आ रही है।
हर किरण बन रही है उम्मीद
कामती बाई का कहना है कि सौर ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन का साधन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण का संकल्प भी है। सौर ऊर्जा अपनाकर न केवल बिजली खर्च कम हुआ है, बल्कि प्रदूषण कम करने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी उनका परिवार अपनी भागीदारी निभा रहा है।
गांव-गांव तक पहुंचे यह रोशनी
कामती बाई चाहती हैं कि उनके गांव ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के परिवार इस योजना का लाभ उठाएं। उनका मानना है कि यदि हर घर की छत पर सोलर प्लांट लगे, तो लाखों परिवार बिजली खर्च से राहत पा सकते हैं और देश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में और मजबूत कदम बढ़ा सकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।

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