
राजनांदगांव। जिले के जामरी डायवर्सन नहर लाइनिंग निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और घटिया गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। पिछले एक वर्ष से लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद जल संसाधन विभाग द्वारा न तो स्थल निरीक्षण कराया गया और न ही निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही के कारण पहली ही बारिश और पानी के बहाव में नहर की लाइनिंग दोबारा क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इसी मुद्दे को लेकर जनपद सदस्य सरिता मदन साहू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण जल संसाधन विभाग के कार्यालय पहुंचे और कार्यपालन अभियंता (ईई) रामटेके को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच, तकनीकी परीक्षण और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
एक साल से शिकायत, फिर भी नहीं हुई जांच
ग्रामीणों का कहना है कि जामरी डायवर्सन नहर लाइनिंग कार्य शुरू से ही गुणवत्ता विहीन रहा है। निर्माण कार्य के दौरान कई बार संबंधित अधिकारियों और विभाग को शिकायतें दी गईं, लेकिन विभाग ने शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। आरोप है कि आज तक न तो किसी अधिकारी ने मौके का निरीक्षण किया और न ही निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन कराया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग जांच करता तो आज नहर की लाइनिंग दोबारा क्षतिग्रस्त नहीं होती और सरकारी धन का नुकसान भी नहीं होता।
पहली बारिश में बह गई लाइनिंग, उठे गुणवत्ता पर सवाल
ग्रामीणों के अनुसार पहली ही बारिश और पानी के बहाव में नहर की लाइनिंग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। उनका आरोप है कि निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण करोड़ों रुपये की लागत से किया गया कार्य टिक नहीं पाया।
ग्रामीणों ने इसे शासन की राशि का दुरुपयोग बताते हुए कहा कि इसका सीधा असर किसानों और आम लोगों पर पड़ रहा है।
जल संसाधन विभाग को सौंपा ज्ञापन
जनपद सदस्य सरिता मदन साहू के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कार्यपालन अभियंता रामटेके को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि—
- जामरी डायवर्सन नहर लाइनिंग कार्य का तत्काल स्थल निरीक्षण कराया जाए।
- निर्माण कार्य का निष्पक्ष भौतिक एवं तकनीकी सत्यापन कराया जाए।
- गुणवत्ता विहीन निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर ग्रामीणों को कार्रवाई की जानकारी दी जाए।
- भविष्य में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित कर किसानों के हितों की रक्षा की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र के किसान और ग्रामीण व्यापक जनआंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद विभाग की निष्क्रियता प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है और अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ईई ने दिया जांच का आश्वासन
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद कार्यपालन अभियंता रामटेके ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शिकायत के सभी बिंदुओं की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि स्थल निरीक्षण एवं आवश्यक तकनीकी परीक्षण के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण
ज्ञापन सौंपने के दौरान किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष मदन साहू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य क्रांति बंजारे, उपसरपंच तुलेश्वर, पूर्व सरपंच मनोज (आरगांव), केवल कुम्भकार, पूनम साहू, लिकेश्वरी साहू, योगेश्वरी साहू, लुकेश्वर कुम्भकार, गायत्री साहू, ललित साहू, संगीत साहू, बिहारी साहू, मुकेश साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
मुख्य मांगें
- जामरी डायवर्सन नहर लाइनिंग का तत्काल स्थल निरीक्षण।
- निर्माण कार्य का निष्पक्ष भौतिक एवं तकनीकी परीक्षण।
- दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई।
- जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाए।


