रायपुर, 16 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में पत्रकारों और मीडिया से जुड़े हितों को लेकर सक्रिय प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ने जनसंपर्क विभाग एवं संवाद कार्यालय में लंबे समय से पदस्थ अधिकारियों को लेकर लगाए जा रहे कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार एवं कमीशनखोरी के आरोपों के संबंध में लोकतांत्रिक एवं नीतिगत तरीके से आंदोलन की आगामी रणनीति तैयार करने के लिए रविवार, 16 अगस्त को बैठक आयोजित की।
बैठक में संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने जनसंपर्क व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता को लेकर विस्तार से चर्चा की। सदस्यों का कहना था कि मीडिया और शासन के बीच संवाद की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता अत्यंत आवश्यक है।
ज्ञापन से लेकर जनजागरूकता अभियान तक पर चर्चा
बैठक में आंदोलन को पूरी तरह संवैधानिक, वैधानिक और लोकतांत्रिक दायरे में संचालित करने पर जोर दिया गया। इसके तहत संबंधित अधिकारियों एवं शासन-प्रशासन के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत करने, विषय को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने तथा आवश्यकतानुसार उपलब्ध वैधानिक माध्यमों का उपयोग करने की आगामी रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया।
संगठन की बैठक में यह भी चर्चा हुई कि यदि किसी स्तर पर अनियमितताओं या भ्रष्टाचार से संबंधित तथ्य अथवा दस्तावेज सामने आते हैं, तो उन्हें उचित मंच पर प्रस्तुत कर निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।
पारदर्शी व्यवस्था की मांग
एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि पत्रकारिता और मीडिया संस्थानों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण अथवा अपारदर्शी व्यवस्था लोकतांत्रिक सूचना तंत्र के लिए उचित नहीं है। संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन सुनिश्चित कराने की दिशा में लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना है।
बैठक में आगे की कार्रवाई के लिए विभिन्न स्तरों पर संपर्क, दस्तावेजों एवं शिकायतों का संकलन तथा संबंधित सक्षम अधिकारियों के समक्ष विषय रखने जैसे बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।
वैधानिक तरीके से आगे बढ़ेगा अभियान
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित आंदोलन को कानून के दायरे में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इसमें ज्ञापन, जनजागरूकता कार्यक्रम और अन्य वैधानिक माध्यमों को प्रमुखता दी जाएगी।
बैठक के दौरान संगठन से जुड़े सदस्यों ने पत्रकारों और मीडिया संस्थानों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
महत्वपूर्ण
बैठक में उठाए गए भ्रष्टाचार, अनियमितता और कमीशनखोरी से जुड़े आरोप एसोसिएशन द्वारा लगाए गए आरोप/दावे हैं। संबंधित अधिकारियों या विभाग का पक्ष इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अथवा किसी सक्षम जांच एजेंसी द्वारा निष्कर्ष सामने आने तक इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
Khabar36 की अपील: किसी भी व्यक्ति या अधिकारी के विरुद्ध आरोपों को तथ्य के रूप में साझा करने से पहले आधिकारिक दस्तावेज, जांच रिपोर्ट अथवा संबंधित पक्ष का पक्ष अवश्य देखा जाना चाहिए।

संदीप शर्मा
संस्थापक एवं संचालक — Khabar36 News
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🤝 अनुभव: Buland Media एवं Buland Chhattisgarh से जुड़ाव
✍️ भूमिका: पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया संचालक
🎯 विशेषता: तथ्यपरक, निष्पक्ष एवं जनहित आधारित पत्रकारिता
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